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जैन धर्म
Jainism
Question 24 of 53
Language:
Question 24
निम्नलिखित में से कौन-कौन से सिद्धांत जैन धर्म से संबंधित हैं ? (i) अनेकांतवाद (ii) सर्वस्तिवाद (iii) शून्यवाद (iv) स्यादवाद [R.AS. / R.T.S (Pre) 2021]
A. (a) (i) एवं (iv)
B. (b) (ii) एवं (iv)
C. (c) (i), (ii) एवं (iii)
D. (d) (ii) एवं (iii)
Explanation अनेकांतवाद' अथवा 'स्यादवाद' जैन धर्म से संबंधित हैं। महावीर स्वामी ने आत्मवादियों तथा नास्तिकों के एकांतिक मतों को छोड़कर बीच का मार्ग अपनाया, जिसे 'अनेकांतवाद' या 'स्यादवाद' कहा गया। स्यादवाद को 'सप्तभंगीनय' भी कहा जाता है। यह ज्ञान की सापेक्षता का सिद्धांत है। 'शून्यवाद' बौद्ध धर्म का एक संप्रदाय है, जिसके प्रवर्तक 'नागार्जुन' हैं, जबकि 'सर्वस्तिवाद', बौद्ध दर्शन का एक संप्रदाय है, जिसका मानना है कि तीनों काल में संसार की सभी वस्तुओं का अस्तित्व है। इसे 'वैभाषिक' भी कहते हैं। अतः विकल्प (a) सत्य है।
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