जैन धर्म
Jainism
Jainism
Question 46 of 53
Language:
Question 46
निम्नलिखित में से किसने प्रतिपादित किया कि भाग्य ही सब कुछ निर्धारित करता है, मनुष्य असमर्थ होता है ?
[U.P.P.C.S. (Pre) 2006]
Explanation
मक्खलिगोसाल प्रारंभ में महावीर के शिष्य थे, किंतु बाद में मतभेद के चलते इन्होंने महावीर की शिष्यता त्यागकर, आजीवक नामक है, जिसके अनुसार संसार की प्रत्येक वस्तु भाग्य द्वारा पूर्व नियंत्रित स्वतंत्र संप्रदाय की स्थापना की। इनका मत 'नियतिवाद' कहा जाता एवं संचालित होती है।
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Progress
46 / 53 completed
0
Correct
0
Wrong
53
Total
7
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