शैव, भागवत धर्म
Shaiva, Bhagwat Religion
Question 20 of 27
Language:
Question 20
अधोलिखित में से कौन एक गीता की मुख्य शिक्षा है ? [Chhattisgarh P.S.C. (Pre) 2011]
A. (a) कर्मयोग
B. (b) ज्ञानयोग
C. (c) भक्तियोग
D. (d) निष्काम कर्मयोग
Explanation गीता का कर्मयोग निष्काम कर्मयोग है। निष्काम कर्मयोग का अर्थ है। कि हम कर्म को सदैव साध्य के रूप में देखें, उसे कभी भी साधन के रूप में न ग्रहण करें। हम कर्म तो करें, किंतु कर्म फल में आसक्ति न रखें। गीता के निष्काम कर्मयोग में ज्ञान, भक्ति एवं कर्म का समन्वय होता है। गीता की मुख्य शिक्षा निष्काम कर्मयोग का आदेश है। गीता | स्वयं विभिन्न योगमार्गों का तुलनात्मक अध्ययन करके निष्काम कर्मयोग की श्रेष्ठता को स्वीकार करती है। आधुनिक युग में लोकमान्य तिलक, महात्मा गांधी आदि विचारकों ने कर्मयोग विशेषतः निष्काम कर्मयोग को ही गीता की मुख्य शिक्षा स्वीकार किया है।
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