आधुनिक भारत में प्रेस का विकास
Development of the Press in Modern India
Development of the Press in Modern India
Question 10 of 61
Language:
Question 10
फारसी साप्ताहिक 'मिरातुल अखबार' को प्रकाशित करते थे-
[U.P.P.C.S. (Pre) 2000]
Explanation
राजा राममोहन राय ने अपने विचारों को प्रेस के माध्यम से प्रचारित एवं प्रसारित किया। दिसंबर, 1821 में उन्होंने बांग्ला साप्ताहिक 'संवाद कौमुदी' अथवा 'प्रज्ञा का चांद' का प्रकाशन प्रारंभ किया। इसके एक वर्ष पश्चात इन्होंने फारसी भाषा में एक अन्य साप्ताहिक समाचार-पत्र 'मिरातुल अखबार' या 'बुद्धि दर्पण' का प्रकाशन प्रारंभ किया। जॉन एडम जब गवर्नर जनरल था, तब (1823 ई. में) उसने भारतीय प्रेस पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया। लाइसेंस के बिना प्रकाशन करने पर चार सौ रुपये जुर्माना या कारावास का दंड दिया जा सकता था। मजिस्ट्रेट को मुद्रणालय जब्त करने का भी अधिकार था। यह नियम मुख्य रूप से भारतीय भाषाओं तथा भारतीयों द्वारा संपादित एवं उनके स्वामित्व वाले पत्रों के लिए था। इसी कारण राजा राममोहन राय को साप्ताहिक पत्र 'मिरातुल अखबार' का प्रकाशन बंद करना पड़ा था।