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Question 42 of 75
Language:
Question 42
जिस आदिवासी नेता को जगत पिता (धरती आबा) कहा जाता था, वह था- [Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2002]
A. (a) जिरिया भगत
B. (b) कानु सान्याल
C. (c) रूप नायक
D. (d) बिरसा मुंडा
Explanation मुंडा विद्रोह के नेता बिरसा मुंडा को धरती आबा (जगत पिता) और इनके विद्रोह को 'उलगुलन' (महाविद्रोह या महान हलचल ) के नाम से जाना गया। यह विद्रोह इस अवधि का सर्वाधिक प्रसिद्ध आदिवासी विद्रोह था। मुंडों की पारंपरिक सामूहिक खेती वाली भूमि व्यवस्था खूंटकट्टी या मुंडारी के जमींदारी या व्यक्तिगत भू-स्वामित्व वाली भूमि व्यवस्था में परिवर्तन के विरुद्ध मुंडा विद्रोह की शुरुआत हुई। लेकिन कालांतर में बिरसा ने इसे धार्मिक, राजनीतिक आंदोलन का रूप प्रदान किया। मुंडा आदिवासियों का विद्रोह 1899-1900 ई. के बीच हुआ। 1895 ई. में बिरसा ने अपने आप को 'भगवान का दूत' घोषित किया और हजारों मुंडाओं का नेता बन गया। उसने कहा कि "दिकुओं (गैर-आदिवासियों) से हमारी लड़ाई होगी और उनके खून से जमीन इस तरह लाल होगी जैसे लाल झंडा।" 1899 ई. में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर बिरसा ने मुंडा जाति का शासन स्थापित करने के लिए विद्रोह का एलान किया। लगभग 6000 मुंडा तीर-तलवार तथा कुल्हाड़ी लेकर बिरसा के साथ हो लिए। लेकिन बिरसा को 3 मार्च, 1900 को चक्रधरपुर के जामकोपई जंगल में गिरफ्तार कर लिया गया और 9 जून, 1900 को जेल में ही उनकी मृत्यु हो गई। विद्रोह कुचल दिया गया पर बिरसा अमर हो गए।
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