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बौद्ध धर्म
Buddhism
Question 18 of 124
Language:
Question 18
निम्नलिखित में से कौन-सा एक बौद्ध मत में निर्वाण की अवधारणा की सर्वश्रेष्ठ व्याख्या करता है ? [I.A.S. (Pre) 2013]
A. (a) तृष्णारूपी अग्नि का शमन
B. (b) स्वयं की पूर्णतः अस्तित्वहीनता
C. (c) परमानंद एवं विश्राम की स्थिति
D. (d) धारणातीत मानसिक अवस्था
Explanation बुद्ध ने निर्वाण को मन की उस परम शांति के रूप में वर्णित किया है, जो तृष्णा, क्रोध और दूसरी विषादकारी मनःस्थितियों से परे है। यह शांति तभी प्राप्त होती है, जब सभी वर्तमान इच्छाओं के कारण समाप्त हो जाएं और भविष्य में पैदा हो सकने वाली इच्छाओं का जड़ से नाश हो जाए। निर्वाण में तृष्णा और द्वेष के कारण जड़ से समाप्त हो जाते हैं, जिससे मनुष्य सभी प्रकार के कष्टों (दुःख) या संसार में पुनर्जन्म के चक्र से छूट जाता है। अतः विकल्प (a) सही उत्तर है।
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