ईस्ट इंडिया कंपनी और बंगाल के नवाब
East India Company and the Nawab of Bengal
Question 11 of 28
Language:
Question 11
सबसे अधिक निर्णायक युद्ध, जिसने अंग्रेजों के भारत में प्रभुत्व को संस्थापित किया, था- [U.P. P.C.S. (Pre) 2003], [U.P.P.C.S. (Pre) 1990, 2003], [U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2002]
A. (a) बक्सर का युद्ध
B. (b) प्लासी का युद्ध
C. (c) वांडीवाश का युद्ध
D. (d) पानीपत का तीसरा युद्ध
Explanation 22 अक्टूबर, 1764 को अंग्रेजों ने मीर कासिम, अवध के नवाब शुजाउद्दौला तथा दिल्ली के मुगल सम्राट शाहआलम द्वितीय की सम्मिलित सेना को बक्सर के युद्ध में परास्त किया। इस युद्ध में अंग्रेजों की कमान मेजर हेक्टर मुनरो के हाथ में थी। इस युद्ध के परिणाम ने प्लासी के निर्णयों पर मुहर लगा दी, भारत में अब अंग्रेजों को चुनौती देने वाला कोई दूसरा नहीं था। इलाहाबाद तक का प्रदेश अंग्रेजों के अधिकार में आ गया तथा दिल्ली विजय का मार्ग खुल गया। बक्सर का युद्ध भारतीय इतिहास में निर्णायक सिद्ध हुआ। पी.ई. रॉबर्ट्स ने बक्सर के युद्ध के बारे में कहा है कि - "प्लासी की अपेक्षा बक्सर को भारत में अंग्रेजी प्रभुता की जन्मभूमि मानना कहीं अधिक उपयुक्त है।" यदि बक्सर के युद्ध के परिणाम को देखा जाए, तो कहा जा सकता है कि जहां प्लासी की विजय अंग्रेजों की कूटनीति का परिणाम थी, वहीं बक्सर की विजय को इतिहासकारों ने पूर्णतः सैनिक विजय बताया। प्लासी के युद्ध ने अंग्रेजों की प्रभुता बंगाल में स्थापित की, परंतु बक्सर के युद्ध ने कंपनी को एक अखिल भारतीय शक्ति का रूप दे दिया।
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