ईस्ट इंडिया कंपनी और बंगाल के नवाब
East India Company and the Nawab of Bengal
East India Company and the Nawab of Bengal
Question 4 of 28
Language:
Question 4
इंग्लैंड की ईस्ट इंडिया कंपनी की भारत में प्रथम निर्णायक सैन्य सफलता मानी जाती है-
[M.P. P.C.S. (Pre) 2008]
Explanation
भारत में ब्रिटिश प्रभुत्व का प्रारंभ प्लासी के युद्ध से हुआ। प्लासी के युद्ध (23 जून,1757) में रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में अंग्रेजों ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को पराजित किया। नवाब की सेना तीन राजद्रोहियों - मीरजाफर, यार लतीफ और राय दुर्लभ के सेना नायकत्व में थी। नवाब की एक अग्रगामी टुकड़ी के नेता मीर मदन तथा मोहनलाल थे। सहसा एक गोली से रणभूमि में ही मीर मदन मारा गया। नवाब सिराजुद्दौला द्वारा अपने प्रमुख अधिकारियों से मंत्रणा के दौरान मीरजाफर ने उसे पीछे हटने को कहा तथा यह भी कहा कि नवाब को सेना का नेतृत्व सेनाध्यक्षों के हाथों में छोड़ युद्ध क्षेत्र से चले जाना चाहिए। सिराजुद्दौला वापस मुर्शिदाबाद लौट गया। यही उसकी हार का कारण बना। प्लासी के युद्ध ने अंग्रेजों को तात्कालिक सैनिक एवं वाणिज्यिक लाभ प्रदान किए। इसने कृषि उत्पादन और दस्तकारियों के क्षेत्र में अग्रणी तीन राज्यों-बिहार, बंगाल और उड़ीसा में राजनीतिक प्रभुत्व स्थापित करने के लिए पृष्ठभूमि तैयार की। इस युद्ध ने वस्तुतः भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव डाली तथा इसे भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की पहली निर्णायक सफलता माना जाता है, जबकि सर्वाधिक निर्णायक युद्ध बक्सर का युद्ध (1764 ई.) था जिसने भारत में वास्तविक रूप से ब्रिटिश प्रभुसत्ता स्थापित की।
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