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1857 की क्रांति
The Revolution of 1857
Question 26 of 82
Language:
Question 26
1857 के निम्नलिखित क्रांतिकारियों में से किसका वास्तविक नाम 'रामचंद्र पांडुरंग' था ? [U.P. U.D.A./ L.D.A. (Pre) 2010], [U.P. P.C.S. (Pre) 2011]
A. (a) कुंवर सिंह
B. (b) तात्या टोपे
C. (c) नाना साहेब
D. (d) मंगल पांडेय
Explanation तात्या टोपे (1814-1859 ई.) को रामचंद्र पांडुरंग के नाम से भी जाना जाता है। वे 1857 के भारतीय विद्रोह के प्रमुख नेता थे। इनका जन्म महाराष्ट्र में येओला (Yeola) गांव में हुआ था। वे अपने पिता (पांडुरंग राव टोपे) के साथ बिठूर आ गए, जहां वे पेशवा के दत्तक पुत्र नाना धोंदो पंत (इन्हें नाना साहब के नाम से भी जाना जाता है) और महाराजा माधव सिंह जी के मित्र बन गए। 1851 ई. में डलहौजी ने नाना साहब को उनके पिता के पेंशन से वंचित कर दिया, उधर तात्या टोपे पहले से ही ब्रिटिशों को अपना शत्रु मान चुके थे, दोनों ने मिलकर कानपुर में ईस्ट इंडिया कंपनी की भारतीय टुकड़ियों को जीत कर नाना साहब के आधिपत्य को स्थापित किया और तात्या स्वयं सेना के कमांडर-इन-चीफ बन गए। नाना साहब से अलग होने के बाद तात्या टोपे अपना मुख्यालय काल्पी (Kalpi) ले गए और रानी लक्ष्मीबाई से हाथ मिलाया। दोनों ने मिलकर बुंदेलखंड क्षेत्र में विद्रोह का नेतृत्व किया। जनरल ह्यूरोज ने ग्वालियर के उस ऐतिहासिक युद्ध में इन्हें हराया, जिसमें रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं। ग्वालियर खो देने के पश्चात तात्या टोपे ने सागर एवं नर्मदा क्षेत्र तथा खानदेश एवं राजस्थान क्षेत्र में सफलतापूर्वक गुरिल्ला युद्ध का संचालन किया। एक वर्ष तक अंग्रेज सेनाएं उन्हें पकड़ने में नाकाम रहीं। अंततः उनके एक विश्वसनीय मित्र मानसिंह ने उन्हें धोखा देकर उस समय पकड़वा दिया, जब वे पारो के जंगलों में अपने कैम्प में शयन कर रहे थे। यहां से उन्हें पकड़कर शिवपुरी लाया गया और सैनिक अदालत में 18 अप्रैल, 1859 को फांसी दे दी गई।
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