ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
Impact of British rule on the Indian economy
Question 17 of 45
Language:
Question 17
ब्रिटिश व्यवस्था में रैयतवाड़ी भू-राजस्व संग्रह प्रचलित था- [U.P. P.S.C. (R.I.) 2014]
A. (a) उत्तरी भारत में
B. (b) पूर्वी भारत में
C. (c) पश्चिमी भारत में
D. (d) दक्षिणी भारत में
Explanation रैयतवाड़ी बंदोबस्त अंग्रेजों द्वारा भारत में भू-राजस्व वसूला हेतु लागू की गई एक प्रणाली थी। अलेक्जेंडर रीड ने मद्रास प्रेसीडेंसी में सर्वप्रथम 1792 ई. में तमिलनाडु के बारामहल क्षेत्र में रैयतवाड़ी व्यवस्था लागू की। टॉमस मुनरो ने 1809 ई. में कुछ क्षेत्रों में इसको लागू किया।1820 ई. में मद्रास का गवर्नर बनने पर उसने इसे मद्रास में लागू किया। मुनरो के शिष्य एलफिंस्टन ने इसे बॉम्बे प्रेसीडेंसी में लागू किया। संपूर्ण ब्रिटिश भारत के 51 प्रतिशत क्षेत्र (मद्रास, बंबई के कुछ हिस्से, पूर्वी बंगाल, असम एवं कुर्ग) में यह व्यवस्था लागू की गई थी। इस व्यवस्था के अंतर्गत रैयतों को भूमि का मालिकाना हक दिया गया, जिसके द्वारा ये प्रत्यक्ष रूप से सीधे या व्यक्तिगत रूप से भू-राजस्व अदा करने के लिए उत्तरदायी थे। 1836 ई. के बाद विनगेट और गोल्डस्मिथ द्वारा इस व्यवस्था में सुधार किए गए।
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