ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
Impact of British rule on the Indian economy
Impact of British rule on the Indian economy
Question 33 of 45
Language:
Question 33
निम्नलिखित में से कौन भारत में उपनिवेशवाद का/के आर्थिक आलोचक था/थे ?
1. दादाभाई नौरोजी
2. जी. सुब्रमण्य अय्यर
3. आर. सी. दत्त
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
[I.A.S. (Pre) 2015]
Explanation
1870 से 1905 ई. के बीच बहुत से भारतीय बुद्धिजीवियों ने ब्रिटिश शासन के आर्थिक पहलू को विश्लेषित किया। इनमें तीन लोगों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा, वे थे- 1. दादाभाई नौरोजी, 2. महादेव गोविंद रानाडे और 3. आई.सी.एस. अधिकारी रमेश चंद्र दत्त। इन्होंने भारत का आर्थिक इतिहास लिखा। इन तीनों के अतिरिक्त जी. वी. जोशी, जी. सुब्रमण्य अय्यर ('द हिंदू' समाचार-पत्र के संस्थापक-संपादक), गोपाल कृष्ण गोखले समेत अनेक राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारोंने तत्कालीन अर्थव्यवस्था के हर पहलू का गहराई से विश्लेषण किया। ये लोग इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि भारत के आर्थिक विकास के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा उपनिवेशवाद ही है।
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